जल राशि

भारत में लगभग 14,500 किमी. आंतरिकनौपरिवहन योग्य जलमार्ग हैं। देश में कुल 12नदियां ऐसी हैं जिन्हें बड़ी नदियों की श्रेणी में रखाजा सकता है। इन नदियों का कुल अपवाहक्षेत्रफल 2,528,000 वर्ग किमी. है। भारत कीसभी प्रमुख नदियां निम्नलिखित तीन क्षेत्रों सेनिकलती हैं-
1. हिमालय या काराकोरम श्रृंखला
2. मध्य भारत की विंध्य और सतपुरा श्रृंखला
3. पश्चिमी भारत में साह्यïद्री अथवा पश्चिमी घाट
हिमालय से निकलने वाली नदियों को यहां केग्लेशियरों से जल प्राप्त होता है। इनकी खास बातयह है कि पूरे वर्ष इन नदियों में जल रहता है। अन्यदो नदी प्रणालियां पूरी तरह से मानसून पर हीनिर्भर हैं और गर्मी के दौरान छोटी नदियां मात्र बनकर रह जाती हैं। हिमालय से पाकिस्तान बह करजाने वाली नदियों में सिंधु, ब्यास, चिनाब, राबी,सतलुज और झेलम शामिल हैं।
प्रणाली का जल अपवाह क्षेत्रसबसे ज्यादा 1,100,000 वर्ग किमी. है। गंगा काउद्गम स्थल उत्तरांचल के गंगोत्री ग्लेशियर से है।यह दक्षिण-पूर्व दिशा में बहते हुए बंगाल की खाड़ीमें जाकर गिरती है। ब्रह्म्ïापुत्र नदी का उद्गमस्थल तिब्बत में है और अरुणाचल प्रदेश में यहभारत में प्रवेश करती है। यह पश्चिम की ओर बढ़तेहुए बांग्लादेश में गंगा से मिल जाती है।
पश्चिमी घाट दक्कन की सभी नदियों का स्रोत है।इसमें महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी नदियांशामिल हैं। ये सभी नदियां बंगाल की खाड़ी मेंगिरती हैं। भारत की कुल 20 फीसदी जल अपवाहइन नदियों के द्वारा ही होता है।
भारत की मुख्य खाडिय़ों में कांबे की खाड़ी, कच्छकी खाड़ी और मन्नार की खाड़ी शामिल हैं। जलसंधियों में पाल्क जलसंधि है जो भारत औरश्रीलंका को अलग करती है, टेन डिग्री चैनलअंडमान को निकोबार द्वीपसमूह से अलग करताहै और ऐट डिग्री चैनल लक्षद्वीप और अमिनदीवीद्वीपसमूह को मिनीकॉय द्वीप से अलग करता है।
महत्वपूर्ण अंतरीपों में भारत की मुख्यभूमि के धुरदक्षिण भाग में स्थित कन्याकुमारी, इंदिरा प्वाइंट(भारत का धुर दक्षिण हिस्सा), रामा ब्रिज औरप्वाइंट कालीमेरे शामिल हैं। अरब सागर भारत केपश्चिमी किनारे पर पड़ता है, बंगाल की खाड़ी औरहिंद महासागर भारत के क्रमश: पूर्वी और दक्षिणीभाग में स्थित हैं। छोटे सागरों में लक्षद्वीप सागरऔर निकोबार सागर शामिल हैं। भारत में चारप्रवाल भित्ति क्षेत्र हैं। ये चार क्षेत्र अंडमान औरनिकोबार द्वीपसमूह, मन्नार की खाड़ी, लक्षद्वीपऔर कच्छ की खाड़ी में स्थित हैं। महत्वपूर्ण झीलोंमें चिल्क झील (उड़ीसा में स्थित भारत की सबसेबड़ी साल्टवाटर झील), आंध्र प्रदेश की कोल्लेरूझील, मणिपुर की लोकतक झील, कश्मीर की डलझील, राजस्थान की सांभर झील और केरल कीसस्थामकोट्टा झील शामिल हैं।

भारत में लगभग 14,500 किमी. आंतरिकनौपरिवहन योग्य जलमार्ग हैं। देश में कुल 12नदियां ऐसी हैं जिन्हें बड़ी नदियों की श्रेणी में रखाजा सकता है। इन नदियों का कुल अपवाहक्षेत्रफल 2,528,000 वर्ग किमी. है। भारत कीसभी प्रमुख नदियां निम्नलिखित तीन क्षेत्रों सेनिकलती हैं-
1. हिमालय या काराकोरम श्रृंखला
2. मध्य भारत की विंध्य और सतपुरा श्रृंखला
3. पश्चिमी भारत में साह्यïद्री अथवा पश्चिमी घाट
हिमालय से निकलने वाली नदियों को यहां केग्लेशियरों से जल प्राप्त होता है। इनकी खास बातयह है कि पूरे वर्ष इन नदियों में जल रहता है। अन्यदो नदी प्रणालियां पूरी तरह से मानसून पर हीनिर्भर हैं और गर्मी के दौरान छोटी नदियां मात्र बनकर रह जाती हैं। हिमालय से पाकिस्तान बह करजाने वाली नदियों में सिंधु, ब्यास, चिनाब, राबी,सतलुज और झेलम शामिल हैं।
प्रणाली का जल अपवाह क्षेत्रसबसे ज्यादा 1,100,000 वर्ग किमी. है। गंगा काउद्गम स्थल उत्तरांचल के गंगोत्री ग्लेशियर से है।यह दक्षिण-पूर्व दिशा में बहते हुए बंगाल की खाड़ीमें जाकर गिरती है। ब्रह्म्ïापुत्र नदी का उद्गमस्थल तिब्बत में है और अरुणाचल प्रदेश में यहभारत में प्रवेश करती है। यह पश्चिम की ओर बढ़तेहुए बांग्लादेश में गंगा से मिल जाती है।
पश्चिमी घाट दक्कन की सभी नदियों का स्रोत है।इसमें महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी नदियांशामिल हैं। ये सभी नदियां बंगाल की खाड़ी मेंगिरती हैं। भारत की कुल 20 फीसदी जल अपवाहइन नदियों के द्वारा ही होता है।
भारत की मुख्य खाडिय़ों में कांबे की खाड़ी, कच्छकी खाड़ी और मन्नार की खाड़ी शामिल हैं। जलसंधियों में पाल्क जलसंधि है जो भारत औरश्रीलंका को अलग करती है, टेन डिग्री चैनलअंडमान को निकोबार द्वीपसमूह से अलग करताहै और ऐट डिग्री चैनल लक्षद्वीप और अमिनदीवीद्वीपसमूह को मिनीकॉय द्वीप से अलग करता है।
महत्वपूर्ण अंतरीपों में भारत की मुख्यभूमि के धुरदक्षिण भाग में स्थित कन्याकुमारी, इंदिरा प्वाइंट(भारत का धुर दक्षिण हिस्सा), रामा ब्रिज औरप्वाइंट कालीमेरे शामिल हैं। अरब सागर भारत केपश्चिमी किनारे पर पड़ता है, बंगाल की खाड़ी औरहिंद महासागर भारत के क्रमश: पूर्वी और दक्षिणीभाग में स्थित हैं। छोटे सागरों में लक्षद्वीप सागरऔर निकोबार सागर शामिल हैं। भारत में चारप्रवाल भित्ति क्षेत्र हैं। ये चार क्षेत्र अंडमान औरनिकोबार द्वीपसमूह, मन्नार की खाड़ी, लक्षद्वीपऔर कच्छ की खाड़ी में स्थित हैं। महत्वपूर्ण झीलोंमें चिल्क झील (उड़ीसा में स्थित भारत की सबसेबड़ी साल्टवाटर झील), आंध्र प्रदेश की कोल्लेरूझील, मणिपुर की लोकतक झील, कश्मीर की डलझील, राजस्थान की सांभर झील और केरल कीसस्थामकोट्टा झील शामिल हैं।
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